कोलकाता में महाशिवरात्रि की चार प्रहर पूजा विधि के लिए ऑनलाइन पंडित जी बुक करें | पुजारी नाउ

महाशिवरात्रि: कोलकाता का स्थानीय समय एवं 4 प्रहर के लिए मंत्र स्क्रिप्ट

शुभ चार प्रहर रात्रि पूजा के दौरान महादेव के अनंत प्रकाश का आह्वान करें। पुजारी नाव (Pujari Now) के माध्यम से कोलकाता में लाइव सत्यापित वेद पाठशाला के पुजारियों को बुक करें।

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लाइव बुलेटिन कोलकाता रात्रि प्रहर अलर्ट: महाशिवरात्रि के लिए चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो चुकी है। रातभर जागरण करने वाले श्रद्धालु कोलकाता के स्थानीय अक्षांश-देशांतर के अनुसार 4-प्रहर अभिषेकम संपन्न करें। पुजारी नाव के माध्यम से सॉल्ट लेक, न्यू टाउन, दक्षिण कोलकाता और हावड़ा में ऑन-डिमांड बैकअप पंडित उपलब्ध हैं।

महाशिवरात्रि—शिव की परम रात्रि—भगवान शिव के अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में दिव्य ब्रह्मांडीय प्राकट्य और देवी पार्वती के साथ उनके पवित्र विवाह का उत्सव मनाती है। शास्त्रीय परंपरा के अनुसार रातभर आध्यात्मिक जागरण (रात्रि जागरण) रखने का निर्देश दिया गया है, जिसे चार अलग-अलग तीन-घंटे के चक्रों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें रात्रि पूजा के चार प्रहर कहा जाता है।

प्रत्येक प्रहर का एक विशिष्ट तत्व ध्यान, लिंग अभिषेकम के लिए पवित्र द्रव्य और समर्पित संस्कृत मंत्र होता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके घर की पूजा प्रामाणिक शास्त्रीय विधि के साथ पूरी तरह मेल खाए, पुजारी नाव (Pujari Now) सत्यापित, वेद पाठशाला-प्रमाणित पुरोहित उपलब्ध कराता है जो पूरे कोलकाता में संपूर्ण पूजा किट के साथ आपके घर पहुंचते हैं।

कोलकाता का चार प्रहर का स्थानीय समय

कोलकाता के देशांतर और सूर्यास्त की सीमाओं के अनुसार विशेष रूप से गणना की गई, रात्रि पूजा के लिए इन सटीक समय अंतरालों का पालन करें:

प्रहर चरण कोलकाता स्थानीय समय सीमा पवित्र अभिषेकम अर्पण
प्रथम प्रहर (संध्या काल) शाम 06:11 PM – रात 09:23 PM IST कच्चा गाय का दूध (क्षीर स्नान) एवं कमल पुष्प
द्वितीय प्रहर (रात्रि काल) रात 09:23 PM – मध्यरात्रि 12:35 AM IST ताजा दही (दधि स्नान) एवं चंदन/बेलपत्र
तृतीय प्रहर (निशिता काल) मध्यरात्रि 12:35 AM – तड़के 03:47 AM IST शुद्ध गाय का घी (घृत स्नान) एवं धतूरा/भस्म
चतुर्थ प्रहर (भोर / प्रातःकाल) तड़के 03:47 AM – सुबह 06:59 AM IST शुद्ध शहद (मधु) एवं गंगाजल
शिवरात्रि पारण (व्रत खोलना) सूर्योदय के बाद (सुबह 07:00 AM IST से) चरणामृत, गंगाजल एवं सात्विक प्रसाद

चार रात्रि चरणों के लिए पूजा एवं मंत्र स्क्रिप्ट

चरण 1: प्रथम प्रहर (06:11 PM - 09:23 PM)

क्षीर अभिषेकम एवं शारीरिक शुद्धि

सूर्यास्त के तुरंत बाद शुरू करें। गंगाजल से शिवलिंग को स्वच्छ करें, जिसके बाद रुद्राष्टकम या "ॐ नमः शिवाय" का जाप करते हुए बिना उबले शुद्ध गाय के दूध की निरंतर धारा से स्नान कराएं। सफेद कमल के फूल, अखंडित 3-पत्ती वाले बेलपत्र अर्पित करें और चंदन का लेप लगाएं।

वैदिक मंत्रोचार स्क्रिप्ट:
"नमामीशमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्..."
(शारीरिक शुद्धिकरण और मानसिक शांति के लिए दुग्ध स्नान के दौरान 108 बार पाठ करें)
चरण 2: द्वितीय प्रहर (09:23 PM - 12:35 AM)

दधि अभिषेकम एवं मन का संरेखण

जल मिश्रित ताजे, शुद्ध गाय के दही (दधि) से शिवलिंग का अभ्यंग करें। सफेद चंदन, बेलपत्र और मीठे बेल फल अर्पित करें। यह दूसरा चरण आंतरिक अशांति को शांत करता है और भावनात्मक शक्ति को स्थिर करता है।

वैदिक मंत्रोचार स्क्रिप्ट:
"दधिक्राव्णो अकारिषं जिष्णोरश्वस्य वाजिनः। सुरभि नो मुखा करत्प्र णा आयूंषि तारिषत्..."
(पारिवारिक सौहार्द और दीर्घायु के लिए शिव सहस्रनाम के साथ पाठ करें)
चरण 3: तृतीय प्रहर / निशिता काल (12:35 AM - 03:47 AM)

घृत अभिषेकम एवं ब्रह्मांडीय चेतना

पवित्र मध्यरात्रि काल (निशिता काल) में संपन्न किया जाता है। शिवलिंग को शुद्ध गाय के घी से स्नान कराएं, जिसके बाद पवित्र भस्म (विभूति/भस्म), धतूरा फल और मदार/आक के फूल अर्पित करें। यह चरण गहरे कर्म बंधनों को मिटाता है।

वैदिक मंत्रोचार स्क्रिप्ट:
"जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले, गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्..."
(मध्यरात्रि के समय शिव तांडव स्तोत्रम और रुद्र चमकम् का पाठ करें)
चरण 4: चतुर्थ प्रहर (03:47 AM - 06:59 AM)

मधु एवं गंगाजल अभिषेकम (प्रातःकालीन मोक्ष)

सूर्योदय से पूर्व संपन्न किया जाता है। शिवलिंग को शुद्ध शहद, गन्ने के रस और अभिमंत्रित गंगाजल से स्नान कराएं। महामृत्युंजय मंत्र के 108 पाठ, बहुस्तरीय घी के दीपक से भव्य आरती और अंतिम पुष्पांजलि के साथ समापन करें।

वैदिक मंत्रोचार स्क्रिप्ट:
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्..."
(उत्तम स्वास्थ्य, भय से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए 108 बार पाठ करें)

कोलकाता के श्रद्धालु पुजारी नाव को क्यों चुनते हैं

रातभर चलने वाले अनुष्ठानों के संचालन के लिए अनुशासित पुजारियों की आवश्यकता होती है जो हर प्रहर में उपस्थित और समय के पाबंद रहें। **पुजारी नाव** पूर्ण मानसिक शांति प्रदान करता है:

  • वेद पाठशाला प्रमाणित विद्वान: संस्कृत, बंगाली और हिंदी में पारंगत अनुभवी पुरोहित जो सटीक स्वर और लय के साथ मंत्रों का पाठ करते हैं।
  • संपूर्ण शिवरात्रि सामग्री डिलीवरी: ताजे बेलपत्र, धतूरा, भस्म, A2 गाय का घी, शहद और तांबे के अभिषेक पात्रों से युक्त 100% शुद्ध पूजा किट आपके घर तक पहुंचाई जाती है।
  • सुविधाजनक 1-प्रहर या 4-प्रहर पैकेज: विशिष्ट शाम के स्लॉट या पूरी रात चलने वाले 4-प्रहर निरंतर समारोह के लिए पंडित जी बुक करें।
  • अंतिम समय में रद्दीकरण का शून्य जोखिम: पुजारी नाव अप्रत्याशित देरी को रोकने के लिए कोलकाता के हर क्षेत्र में समर्पित बैकअप पंडित तैनात रखता है।
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कोलकाता के सभी क्षेत्रों में घर पर सेवाएं उपलब्ध

चाहे आप दक्षिण कोलकाता में रहते हों, सॉल्ट लेक, न्यू टाउन, हावड़ा या उत्तर कोलकाता में, पुजारी नाव सत्यापित वैदिक पुरोहितों को सीधे आपके दरवाजे तक लाता है।

सॉल्ट लेक (Salt Lake) न्यू टाउन (New Town) बालीगंज (Ballygunge) गड़ियाहाट (Gariahat) अलीपुर (Alipore) दमदम (Dum Dum) हावड़ा (Howrah) बेहाला (Behala) टॉलीगंज (Tollygunge) राजारहाट (Rajarhat) जादवपुर (Jadavpur) श्यामबाजार (Shyambazar)

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