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Puja Vidhi & Rituals

तांबे के लोटे में दूध क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए?

पवित्र दुग्धाभिषेक की शुद्धता चांदी या पीतल के पात्र से शिवलिंग पर ताजा दूध अर्पित करने का एक शांत अनुष्ठान, जो पोषण, मानसिक शांति और आध्यात्मिक भक्ति का प्रतीक है। पवित्र पूजन पात्र …

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सावन में कलश से जल चढ़ाने के नियम: कौन सा कलश सबसे अच्छा है?

जल अभिषेक की दिव्य धारा चिकने, गहरे रंग के शिवलिंग पर तांबे के कलश से गिरती जल की शुद्ध धारा—भक्ति और आंतरिक शुद्धि का एक शाश्वत अनुष्ठान। शुद्ध तांबे का पात्र …

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बेलपत्र पर राम-राम लिखकर शिव जी को अर्पित करने के फायदे

बिल्व पत्र पर 'राम' नाम का पवित्र प्रतीक भक्ति की एक मनमोहक झलक—शिवलिंग पर रखा हुआ एक ताजा हरा बेलपत्र, जिस पर नारंगी चंदन के लेप से सावधानीपूर्वक 'राम' लिखा गया है। नाम की महिमा…

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सावन में शिव जी की कृपा पाने के लिए 108 बेलपत्र उपाय

108 पवित्र बिल्व पत्र 108 ताजे हरे बेलपत्रों का एक पावन अर्पण, जिन्हें सावधानीपूर्वक सजाया गया है और शुद्ध चंदन के लेप से अंकित किया गया है। 108 की शुभ संख्या …

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सावन महीने में बाल और नाखून काटना क्यों वर्जित है?

भक्ति का शांत मार्ग निरंतर भागदौड़ भरी दुनिया में स्थिरता, सादगी और आंतरिक सामंजस्य को अपनाना। आंतरिक शांति और प्रार्थना शांत चिंतन में बैठकर, साधक…

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सावन में नॉन-वेज और प्याज-लहसुन क्यों नहीं खाना चाहिए?

शुद्ध सात्विक भोजन पूर्ण स्वच्छता के साथ तैयार किया गया एक आत्मा को तृप्त करने वाला शाकाहारी भोजन, जिसे ताजे, पर्यावरण-अनुकूल केले के पत्ते पर परोसा गया है। तैयारी में पवित्रता …

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