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Puja Vidhi & Rituals

सावन में बेल के पेड़ की पूजा कैसे करें और इसका महत्व

बिल्व वृक्ष के नीचे संध्या का दीप-प्रकाश संध्याकाल के समय पवित्र बिल्व वृक्ष के सघन हरे छत्र के नीचे जगमगाता दीपक, जो गोधूलि बेला में शांत और पावन आभामंडल का निर्माण करता है। प्रदोष काल…

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सावन में शिव जी के 12 ज्योतिर्लिंगों का ध्यान और मंत्र

> 12 दिव्य ज्योतिर्लिंगों की अलौकिक शृंखला भारत की पवित्र भूमि पर फैले बारह दीप्तिमान प्रकाश स्तंभों का एक कलात्मक संयोजन, जो दिव्य तेज के अनंतिम स्वरूप को दर्शाता है। …

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नाग पंचमी पर कालसर्प दोष शांति के उपाय

रजत नाग प्रतिमा का पवित्र अर्पण पीतल की चमकदार थाली में विराजमान सुंदर चांदी की नाग देवता प्रतिमा, ताजे सुगंधित पुष्पों और शुद्ध अर्पण दुग्ध से सुसज्जित। चांदी एवं पीतल की पवित्रता …

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सावन में नाग देवता पूजा और नाग पंचमी विधि

रजत नाग देवता एवं पवित्र दुग्ध अर्पण चिकने श्यामल शिवलिंग के चारों ओर सुरक्षात्मक रूप से लिपटे पारंपरिक चांदी के नाग देवता, और गहरी भक्ति के साथ अर्पित शुद्ध दूध का पात्र। चांदी के नागदेव…

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शिवलिंग को स्पर्श करने का सही तरीका

नर्मदेश्वर शिवलिंग के समक्ष प्रणाम विनम्र प्रार्थना का एक शांत क्षण—पवित्र श्यामल नर्मदेश्वर शिवलिंग के समीप हाथ जोड़े पूर्ण श्रद्धा से खड़ा एक भक्त। स्वयं सिद्ध पवित्रता (स्वयंभू) …

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सावन में शिव जी की पूजा में कहाँ गलती होती है? (आम गलतियाँ)

ताजे बेलपत्र का सचेत अर्पण श्रद्धा का एक पावन क्षण—पवित्र शिवलिंग पर सावधानीपूर्वक ताजा, अखंड बेलपत्र अर्पित करता हुआ एक श्रद्धामय हाथ। पवित्रता एवं अखंडता (अखंड) …

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